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जनहित गारण्टी अधिनियम-2011 के अन्तर्गत दी जाने वाली सेवाओं के सम्बन्ध में सामान्य रूप से पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) :-
  • प्रश्न 1- माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा जनहित गारेन्टी अधिनियम-2011 के अन्तर्गत कुल कितनी सेवायें दी जा रही हैं ।

    उत्तर - जनहित गारण्टी अधिनियम-2011 के अनतर्गत माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ0प्र0 द्वारा कुल 09 सेवायें दी जा रही हैं जिनका विवरण निम्नवत् है :-

    1 - मूल प्रमाणपत्र जारी करना।
    2 - डुप्लीकेट प्रमाणपत्र जारी करना।
    3 - मूल अंकपत्र जारी करना।
    4 - डुप्लीकेट अंकपत्र जारी करना।
    5 - संशोधित प्रमाणपत्र जारी करना।
    6 - संशोधित अंकपत्र जारी करना।
    7 - निरस्त परीक्षाफल का निस्तारण करना।
    8 - रोके गये परीक्षाफल का निस्तारण करना।
    9 - अपूर्ण/त्रुटिपूर्ण परीक्षाफल का निस्तारण करना।

  • प्रश्न 2- उक्त 9 सेवाओं को लेने हेतु आवेदन कैसे किया जा सकता है ।

    उत्तर - इन सेवाओं को प्राप्त करने हेतु यूजर मैनुअल में दिये गये निर्देशानुसार सेवावार वांछित प्रपत्रों के साथ परिषद की वेबसाइट upmsp.edu.in पर सीधे अथवा ई0 डिस्ट्रिक्ट पोर्टल/जनसेवा केन्द्रों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है ।

  • प्रश्न 3- क्या उपर्युक्त सेवाओं को ऑनलाइन लेने हेतु कोई शुल्क निर्धारित है ?

    उत्तर- नहीं। उपर्युक्त किसी भी सेवा को ऑनलाइन लेने हेतु कोई शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है। केवल अंकपत्र, प्रमाणपत्र एवं प्रमाणपत्र-सह-अंकपत्र की द्वितीय प्रतिलिपि (Duplicate Copy) लेने हेतु ही परिषद द्वारा निर्धारित शुल्क को कोषागार में परिषद के निर्धारित मद में जमा कराकर उसके कोषपत्र की सूचना उपलब्ध कराये जाने के निर्देश हैं ।
  • प्रश्न 4- प्रमाणपत्रों में किसी संशोधन हेतु क्या आवेदन करने के साथ मूल प्रमाणपत्र को परिषद को लौटाना आवश्यक है ?

    उत्तर- हाँ। परिषद द्वारा निर्गत मूल प्रमाणपत्र में यदि किसी प्रकार का संशोधन अपेक्षित है तब संशोधन हेतु आनलाइन आवेदन करने के पश्चात् ऑनलाइन आवेदन के पंजीकरण क्रमांक एवं वांछित संशोधन की सूचना के साथ मूल प्रमाणपत्र को परिषद के सम्बन्धित क्षेत्रीय कार्यालय के प्रमाणपत्र अनुभाग को रजिस्टर्ड डाक से प्रेषित करना अनिवार्य है ।